हरतालिका तीज 12 सितंबर को, हर सुहागन राशि अनुसार करें पूजन

पं. सुरेन्द्र बिल्लौरे
माता पार्वतीजी ने भगवान शिवजी को अपना पति मन ही मन मान लिया था। उनके पिता हिमालय उनका विवाह भगवान विष्णु से करना चाहते थे, परन्तु माता को यह पसंद नहीं था। अत: माता ने अपनी सखी के साथ घोर वन में जाकर तप किया, जिस दिन यह व्रत पूर्ण हुआ उस दिन भाद्र शुक्लपक्ष की तीज तिथि थी व हस्त नक्षत्र था, शिवजी ने प्रसन्न होकर माता को वरदान दिया व अपनी अर्धांगिनी बनाया।
 
सुहागन महिलाएं अपने पति की रक्षा व लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं, बालिकाएं भी इच्छित वर के लिए यह व्रत करती हैं। राशि अनुसार शिव व माता पार्वती का पूजन करने से शुभ फल की शीघ्र प्राप्ति होती है।
 
मेष- माताजी को लाल रंग का वस्त्र चढ़ाएं व ॐ नमस्ते रुद्राय नम: का जाप करें।

वृषभ- माताजी को चुनरी चढ़ाएं व ॐ शोमाय नम: का जाप करें।

मिथुन- माताजी को हरे पत्ते व मेहंदी चढ़ाएं साथ ही ॐ सामप्रियाय नम: का जाप करें।

कर्क- माताजी को चांदी की बिछिया चढ़ाएं व ॐ सिद्धैश्वर्यै नम: का जाप करें।

सिंह- माताजी को गुलाबी चुनरी चढ़ाएं व ॐ रुद्राय नम: का जाप करें।

कन्या- माताजी को हरे वस्त्र चढ़ाएं व ॐ शंभवे नम: का जाप करें।

तुला- माताजी को पंचधातु का कड़ा चढ़ाएं व ॐ त्रिशूलाय नम: का जाप करें।

वृश्चिक- माताजी को सिंदूरी वस्त्र चढ़ाएं व ॐ महेश्वराय नम: का जाप करें।

धनु- माताजी को पीला वस्त्र चढ़ाएं व ॐ पार्वती प्रियाय नम: का जाप करें।

मकर- माताजी को मोती चढ़ाएं व ॐ पशुपतये नम: का जाप करें।

कुंभ- माताजी को लाल चुनरी चढ़ाएं व ॐ अंगारेश्वराय नम: का जाप करें।

मीन- माताजी को पीला फूल चढ़ाएं व ॐ शिवाय नम: का जाप करें।

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