भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक को मिला 65 लाख डॉलर का पुरस्कार

Webdunia
बुधवार, 12 सितम्बर 2018 (09:35 IST)
वॉशिंगटन। भारतीय मूल के एक अमेरिकी वैज्ञानिक को कैंसर बायोमार्कर्स की पहचान के लिए पुरस्कार में 65 लाख अमेरिकी डॉलर दिया गया है। कैंसर बायोमार्कर की पहचान से कैंसर के उपचार और इस घातक बीमारी के लिए नई लक्षित थेरेपी के विकास में मदद मिलेगी।


यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने अरुल चिन्नैयन को यह पुरस्कार दिया है। चिन्नैयन मिशिगन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। मिशिगन विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि चिन्नैयन को नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट से 'आउटस्टेंडिंग  इन्वेस्टीगेटर अवॉर्ड' मिला है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन मेडिकल स्कूल में पैथोलॉजी के प्रोफेसर चिन्नैयन ने कहा, इस अनुदान से हमें नए बायोमार्कर की पहचान और कैंसर की वृद्धि में उनकी जैविक भूमिका को समझने में मदद मिलेगी। कैंसर के जानकार चिन्नैयन ने 2010 में मिशिगन ऑकोलाजी सिक्वेंसिंग (एमआई-ओएनसीओएसईक्यू) कार्यक्रम शुरू किया। बायोमार्कर या बायोलॉजिकल मार्कर एक प्रकार का संकेतक है, जो जैविक स्थिति या हालात की जानकारी देता है। (भाषा)
फोटो सौजन्‍य : टि्वटर 

फुल गारंटी! क्या आप कल्याण सट्‍टे का नंबर जानना चाहेंगे...

किस करते वक्त इसलिए पति की जीभ काट दी

मनरेगा में बजट में रिकॉर्ड वृद्धि : अरुण जेटली

किसने और क्यों श्रीकृष्ण को दिया था सुदर्शन चक्र, जानिए रहस्य...

पंचतंत्र की कहानी : बगुला भगत

सम्बंधित जानकारी

समंदर के जांबाज नेवी कमांडर अभिषेक टॉमी को बचाया गया

किस करते वक्त इसलिए पति की जीभ काट दी

चौंकाने वाली रिपोर्ट, शराब पीने से हर साल होती है 30 लाख लोगों की मौत

अब जियो टीवी पर देख सकेंगे क्रिकेट मैच

खुशखबर, नौकरी जाने पर मिलेगा पैसा, मोदी सरकार की नई योजना

अफगानिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज शहजाद से स्पॉट फिक्सिंग के लिए किया गया था संपर्क

भूपेश बघेल के जेल भेजे जाने के विरोध में सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, जेल भरो आंदोलन का ऐलान

खुलेगा लालबहादुर शास्त्री की मौत का राज, सूचना आयोग ने कहा मोदी लें सार्वजनिक करने का निर्णय

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 36 घंटों में ढेर किए 5 घुसपैठिए, एक जवान शहीद

अश्लील सीडी कांड में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को 14 दिन की जेल

अगला लेख