कुछ अनमोल दोहे नीरज के

सदाबहार गीतकार : गोपाल दास नीरज

कारवाँ गुजर गया...!

मंगलवार, 24 जून 2008

गीत

अभी न जाओ प्राण ! ......

मगर निठुर न तुम रुके.....

नारी .....

यदि मैं होता घन सावन का ....

अंतिम बूँद...

निभाना ही कठिन है ......

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