मुझसे बदला लिया गया है, सारी लड़कियां सलमान को मिली और मुझे एक भी नहीं

"रेस 3 में मुझसे बदला लिया गया है। सारी लड़कियां सलमान को मिली हैं और मुझे एक भी नहीं। रेस में मेरे साथ समीरा रड्डी थीं। रेस 2 में अमीषा पटेल और इस बार मेरे असिस्टेंट शरत सक्सेना हैं। मेरे साथ बहुत गलत हुआ है।'' 
 
अपने मज़ाकिया मूड में अनिल कपूर जो कहें वो कम है, लेकिन इस बात में दो राय नहीं कि उनकी पर्दे पर उपस्थिति को ना कोई नज़रअंदाज़ कर सका है और ना कर सकेगा। 
 
वेबदुनिया संवाददाता रूना आशीष से अनिल ने कहा, "मैं हमेशा अपने दिन को प्राथमिकता के आधार पर बांटता हूं। जैसे सुबह उठा, फिर वॉक पर गया। घर आ स्पिनिंग किया। स्पिनिंग और सायकलिंग में अंतर होता है। फिर तैयार होकर सीधे आपके पास पहुंच गया। वैसे भी मैं बहुत बदमाश हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मैं जर्नलिस्टों से पहले पहुंच जाता हूं और फिर उन लोगं पर रौब झाड़ता हूं कि वे लोग कितना लेट पहुंचे हैं। ये बदमाशी करने में मुझे बहुत मज़ा भी आता है।"
 
तो आप हमेशा ऐसे ही टाइम के पक्के रहे हैं? 
मैं प्राथमिकता के बूते पर चलता हूं। आमतौर पर समय से पहले ही पहुंचना पसंद करता हूं। मुझे टेंशन लेना पसंद नहीं है। मैं ऐसा कोई काम नहीं करना चाहता जिससे मुझे टेँशन होस मैं ऐसा कोई काम करूं ही क्यों? मेरे जो मैनेजर हैं, जमाल, वह मुझे किसी भी फ्लाइट में पहुंचाने के लिए दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर ले जाते हैं। मैं भले ही वहां जा कर इंतज़ार कर लूं। परेशान होने की बजाय मैं अपना काम समय से पहले कर लेता हूं। वैसे भी टेंशन लेने का नहीं देने का। 
 
इतने सालों से जवान नज़र आ रहे हैं कोई तो राज़ होगा? 
मैं बचपन से पढ़ाई में कुछ खास अच्छा नहीं था। जब मैंने पढ़ाई खत्म की और ऐक्टिंग में आया तो मुझे इस काम में बड़ा मज़ा आया। फिल्मों की प्रोसेस में मज़ा आया। तो शायद इसी वजह से मुझमें वो एनर्जी रहती है। मैं अपनी शूट खत्म करके जब घर जाता हूं तो सुनीता से कहता हूं आज ये काम किया या वो काम किया.  अच्छा कोई डायलॉग सुनाऊं. तो वह बच्चों को कहती है कि मैं तो तुम्हारे पापा से थक गई हूं, लेकिन मैं अपने काम को खूब एंजॉय करता हूं। 
 
इंडस्ट्री में आपकी गुडविल पर आप कितना भरोसा करते हैं? 
शायद ये मेरे पापा (सुरेंद्र कपूर) की गुडविल है जिसे मैंने आगे बढ़ाया है। सोनम को भी चाहने वालों की कमी नहीं है। फिर मेरी पत्नी सुनीता का भी बड़ा हाथ है इसमें। 40 साल के करियर में मेरे बारे में 38 सालों से लिखा जा रहा है, लेकिन सुनीता के बारे में कुछ नहीं आया। वह फोटो खींचने के लिए भी फैन या फोटोजर्नलिस्ट को मना कर देती हैं। उसे कैमरे के पीछे रहना पसंद है। वह कभी नहीं चाहती वह सब्जी खरीदने मार्केट में जाए और लोग उसे पहचाने। घर चलाने में,  कभी बच्चों के स्कूल जाने में, तो कभी बीएमसी, तो कभी कोर्ट कचहरी, ऐसे में वह कोई ध्यान खींचने जैसी स्थिति से दूर रहना चाहती है, तो शायद ये गुडविल वहां से भी आई है। 
 
कभी कोई विवाद होते हैं तो वो क्या कहती हैं? 
मैंने सारी बातें छुपा कर रखी हैं, उन तक आती नहीं। वे लोग बड़े भोले हैं जो छुपा नहीं पाते। मैं तो बहुत स्मार्ट हूं। 
 
आपके घर में आपके बेटा, बेटी, भतीजा, भतीजी सभी स्टार हैं। आप कभी कोई टिप्स या सलाह देते हैं? 
मुझे अच्छा लगता है जब मैं उन्हें पर्दे पर देखता हूं, लेकिन मैं सलाह नहीं देता। कभी-कभी ज्यादा सलाह देने जाते हैं तो लोग भागने लग जाते हैं कहते हैं पकाने आ गया। बल्कि मैं तो उनसे सलाह ले लेता हूं। 
 
आप अपने आप को कैसा वाला पापा मानते हैं? 
मैं बहुत मिलनसार हूं बच्चों से। मैं रिया, सोनम और हर्षवर्धन सबका बेस्टफ्रैंड हूं। क्या करना स्ट्रिक्ट बन कर? इसी वजह से बच्चे आपसे बातें छुपाने लगते हैं। दोस्त बने रहो तो फायदे हैं, वे आपको हर बात बता देते हैं। हां, इसका नुकसान ये है कि वे आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते। फिर सोचता हूं कि ठीक है, कम से कम जानता तो हूं कि वे क्या कर रहे हैं या कैसे हैं। 
 

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