Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

परितोष और आशुतोष ने बताया कैसे हुई लव सेक्स और धोखा 2 में कास्टिंग

हमें फॉलो करें परितोष और आशुतोष ने बताया कैसे हुई लव सेक्स और धोखा 2 में कास्टिंग

रूना आशीष

, गुरुवार, 25 अप्रैल 2024 (17:17 IST)
दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' जो 2010 में रिलीज की गई थी। उस समय की बहुत ही चर्चित फिल्मों में से एक थी। अब इतने सालों बाद एक बार फिर दिबाकर बनर्जी नए कलाकारों के साथ 'लव सेक्स और धोखा 2' लेकर आ रहे हैं जिसमें कई कलाकारों का बॉलीवुड में पदार्पण भी हो रहा है। ऐसे में इस फिल्म के कलाकारों से वेबदुनिया ने खास बातचीत की। 
 
अपने रोल के बारे में बात करते हुए पारितोष ने बताया कि यह रोल कुछ इस तरीके से मिला कि मैं तो कई समय से ऑडिशंस देता है आया हूं। मुझे बताया गया दिबाकर बनर्जी की फिल्म है। मैंने ऑडिशन दे दिया। होता क्या है जब आप कुछ समय बिता देते हो और अपना हाथ फिल्मों के लिए आजमा रहे होते हो तो वह समय आता है जब आपको कोई फर्क नहीं पड़ता है और आप यह सोचना भी बंद कर देते हो कि मैं कोई बहुत ही बड़ा तुर्रम खां हूं जो बड़ा रोल मिलने वाला है। मैंने कहा, चलो भाई कोई रोल है कर लेते हैं। मैंने ऑडिशन दे दिया। उसके बाद मुझे बताया गया एक बार फिर से आपको ऑडिशन देना पड़ेगा। मैंने सोचा का अच्छा छोटा-मोटा कोई रोल मिला। उसके लिए एक बार फिर से ऑडिशन देना है। मैं चला गया, ऑडिशन दे दिया। 
 
फिर तीसरी बार मुझे फोन आया कास्टिंग की तरफ से कि इस बार निर्देशक दिबाकर बनर्जी आपसे मिलना चाहते हैं। मुझे तब लगा कि अच्छा भाई मतलब इस बार कोई बड़ा रोल मेरे हाथ में आया है। मैं तो यही सोचकर चल रहा था कि फिल्म एक रियलिटी शो पर बन रही है। रियलिटी शो में एक लड़का है जिसका नाम नूर है और मैं वही रोल प्ले करूंगा। 
फिल्म में कंपनी दीदी का रोल निभाने वाले अनुपम का कहना है कि वह किसी और फिल्म के लिए कास्टिंग का ऑडिशन दे रहे थे। उन्होंने ही कहा कि लव सेक्स और धोखा पार्ट 2 का भी ऑप्शन है। वहां पर भी जाकर देकर आ जाओ। मैंने ऑडिशन दे दिया। फिर एक ऑडिशन हुआ। फिर अगले हफ्ते स्टूडियो ऑडिशन हुआ और फिर मुझे बताया गया कि 2 हफ्ते बाद फाइनल कॉल आएगा कि तुम्हें यह रोल करना है या नहीं करना है। दो नहीं चार हफ्ते बाद आया और फिर मुझे बताया गया कि मैं और एक और है। हम दोनों को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है वर्कशॉप संगी जो बेहतर काम करेगा। उसी का सिलेक्शन हो जाएगा और देखिए अब मैं आपके सामने आ गया हूं। 
 
अभिनव आपका जो रोल है, ट्रेलर में देखकर समझ में आता है कि एक क्लिपिंग है जो वायरल हो गई है। आप एकदम नई पीढ़ी के कलाकार हैं, किस तरीके से लेते हैं इन सब बातों को। 
मेरी पीढ़ी जो है ऐसे किसी भी पोस्ट को करने से या फोटो को अपलोड करने से डर रही है क्योंकि ऐसा लगता है कि हम लोग कोई पिक्चर डालेंगे। उसका कोई अर्थ का अनर्थ ना निकाल ले और जबरदस्ती का कोई झमेला ना खड़ा हो जाए तो मैं खुद भी ऐसे कोई पिक्चर या वीडियो डालने से डरता हूं परहेज करता हूं। मेरे दोस्ती कुछ ऐसे हैं कि वह पहले सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहा करते थे। लेकिन अब धीरे-धीरे वह सोशल मीडिया से दूर होते जा रहे हैं। बहुत जहरीला होता जा रहा है सबकुछ। अपनी बात कहूं तो एक साल पहले मैंने सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट बनाया और देखिए एक ही साल के भीतर में कैसे फिल्म कर रहा हूं, जिसमें सोशल मीडिया से बंधा रोल है।
 
परितोष आप नूर का रोल कर रहे हैं जो कि रियलिटी शो में काम कर रहा है। ऐसे में आप रियलिटी शो की दुनिया को कैसे देखते हैं
मैं बहुत ज्यादा रियालिटी शो नहीं देखता हूं। सच कहूं तो मैं इंटरनेट भी बहुत कम देखता हूं। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि हमारी जनरेशन जो इंटरनेट पर बहुत ज्यादा समय देती है। पहले से ज्यादा सुलझी हुई है। इसे बहुत सारी चीजों का पहले से ही ज्ञान हो चुका है क्योंकि इंटरनेट पर हमने कई सारी चीजें देख और पढ़ ली होती हैं। हर चीज के दो मायने होते हैं अच्छा और बुरा तो मुझे लगा।
 
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए परितोष कहते हैं कि अब सेट पर यह सोचिए मैं और बोनिता जो कि ट्रांसजेंडर है। हम तो पहले ही दिन से अच्छे खासे दोस्त बन गए थे यही बात में अपनी पुरानी पीढ़ी से अपेक्षा भी नहीं रख सकता। उनके लिए तो ट्रांसजेंडर कुछ अलग ही मायने होते थे। उनकी पूरी बॉडी लैंग्वेज बदल जाती थी। जब वह आस-पास किसी ट्रांसजेंडर को देखते थे। मुझे लगता है इंटरनेट अच्छी चीज है। अगर आप इसका सही इस्तेमाल करना जानते हो कि इंटरनेट का अच्छा रूप देखना चाहूंगा मैं।
 
आपको फिल्म को लेकर क्या अपेक्षाएं हैं
पारितोष- फिल्म को लेकर कोई अपेक्षा बांधकर नहीं रखी है। बस इतना सोच कर रखा है कि मैंने जो किरदार निभाया है, जिस शिद्दत के साथ निभाया है, पूरी मेहनत करके निभाए हैं। उसकी सारी बातें दर्शकों को समझ में आ जाए। मेरे लिए इतना ही काफी हो जाएगा। 
 
अभिनव- मुझे ऐसा लगता है कि इस फिल्म को सभी लोगों ने देखना चाहिए क्योंकि आज के समय में लगभग सारी ही पीढ़ियां सोशल मीडिया पर है। सोशल मीडिया का कोई ग्रुप या काला चेहरा भी हो सकता है। यह सबको मालूम होना चाहिए। 
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

शर्तिया खूब हंसाएगा गर्मी का यह मजेदार जोक: कब्रिस्तान का डर