नई शायरी

हिन्दी ग़जल : लगाया दांव पर दिल को...

नई शायरी - फ़ातिहा

शनिवार, 31 अगस्त 2013
बिगड़ते रिश्तों को फिर से बहाल मत करना, जो टूट जाएँ तो उनका ख़याल मत करना।
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