दास्तां कहते-कहते : ताज़ा ग़ज़लों व नज़्मों का संग्रह

नज्म : मेरे महबूब !

हिन्दी ग़जल : लगाया दांव पर दिल को...

होली की चटपटी शायरी : हैप्पी होली

नज़्म - कली का मसलना देखा

नज़्म - कली क्यूं झरे

मीना कुमारी ने लिखी थी यह 5 गजलें ...

उर्दू शायरी में हिन्दी की चमक

हिन्दी से जो लोग उर्दू मंचों पर आ रहे हैं, उनकी शायरी में एक अलग ही ताज़गी और अलग ही चमक है।

पढ़ि‍ए, निदा फाज़ली की 5 मशहूर नज़्में

गजल : छलकते जाम

गोया वो मदहोश होकर मेरी कसमों से यूं मुकर से जाते हैं जब मयकदे में उनके आगे आशि‍की में जाम छलक जात...
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