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बजट 2019 : सब होगा लेकिन मोदी सरकार बनेगी तो...

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नृपेंद्र गुप्ता

मोदी सरकार ने अपनी आखिरी बजट में कई लोकलुभावन घोषणाएं की है। बजट में हुई इन घोषणाओं से हर वर्ग को फायदा होने की उम्मीद है। 5 लाख तक की आय वालों को आयकर से मुक्ति देकर पीएम मोदी ने बड़ा चुनावी दांव चला है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तथा किसानों को पेंशन संबंधी खबर से एक बार फिर लोगों को फिल गुड फेक्टर का अहसास हो रहा है। 
 
बजट को देखते ही किसानों, मजदूरों, महिलाओं समेत सभी वर्गों की बल्लियां उछल रही है पर सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या लोगों को इन योजनाओं का फायदा भी मिल पाएगा? 
 
इस सवाल का जवाब भी लोगों को ही लोकसभा चुनाव में देना होगा। अगर देश में मोदीजी की सरकार फिर बनती है तो लोगों को इन योजनाओं का फायदा मिल सकता है और अगर ऐसा नहीं होता तो आने वाली सरकार भी इस बजट में किए गए प्रावधानों को मानेगी इसमें संदेह हैं। यह भी कहा जा रहा है कि मोदी सरकार ने श्रम मानधन योजना और प्रधानमंत्री किसान किसान सम्मान निधि योजना वाला दांव कांग्रेस के यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के जवाब में चला है। इन दोनों योजनाओं से भी करोड़ों लोगों को फायदा होगा। 
 
कुल मिलाकर मोदी सरकार ने जनता के सामने चुनाव जीतने के लिए एक ऐसा दांव चला है ताकि लोगों के वोट भाजपा के खाते में चला जाएं। लोगों को भी यह पता है कि इन योजनाओं का फायदा तभी मिल पाएगा जब केंद्र में भाजपा की सरकार बने। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा की सरकार बन भी गई तो वह लंबे समय तक इन योजनाओं को नहीं चला पाएगी। 
 
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में एक बड़ी पेंशन योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) पेश की। इसे मेगा पेंशन योजना भी कहा जा रहा है। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपए मिलेंगे। पीएमएसवाईएम योजना के अंतर्गत 60 साल की उम्र के बाद असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को हर महीने 3,000 रुपए की पेंशन मिलेगी। पेंशनभोगियों को इसके लिए हर महीने 100 रुपए का योगदान देना होगा। मोदी सरकार ने दावा किया कि इस योजना से असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
 
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो हेक्टेयर से कम जमीन रखने वाले किसानों को हर साल 6000 रुपए मिलेंगे। ये राशि तीन किश्तों में सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को सीधा लाभ होगा। योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू होगी। 2019-20 के लिए भी 75000 करोड़ राशि के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
 
बजट 2019 में मोदी सरकार ने किसानों को लिए एक और योजना का ऐलान किया। मोदी सरकार ने कामधेनु योजना का ऐलान किया। सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड देगी, जिसमें गाय पालने वालों को हर महीने 500 रुपए दिए जाएंगे। रक्षा क्षेत्र को भी 3 लाख करोड़ रुपए ‍दिए गए हैं।
 
मामले पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्‍वीट में भी इसकी झलक दिखाई दे रही है। वह तो किसान संबंधी योजना को जुमला कहने से भी नहीं चुके। सिंधिया ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार का किसानों को छह हजार रुपए की वार्षिक आय देने का फैसला भी उनके जुमलों की सूची में शामिल होगा। ये राशि भी वैसे ही उनके हाथ में कभी नहीं पहुंचेगी, जैसे फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य का पैसा आज तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसान का अपमान और उन पर वार करने वाली सरकार क्या किसान सम्मान योजना चलाएगी।
 
कुल मिलाकर मोदी सरकार ने भी वही माहौल बनाने का प्रयास किया है जो चुनाव से पहले अटल राज में था। तब भी इंडिया शाइनिंग का नारा जोर पकड़ रहा था और इस बार भी आंकड़ों और वादों के जरिए और कुछ इसी तरह ही तस्वीर दिखाने का प्रयास है। अब सवाल यह भी है कि क्या इस बड़े दांव के जरिए भाजपा और मोदी जनता को चुनाव में रिझा पाएंगे?

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