Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Hariyali Teej 2023: निर्जला व्रत में नहीं होगी तबीयत खराब, इन बातों का रखें ध्यान

हमें फॉलो करें hariyali teej 2023
hariyali teej 2023
हिंदू धर्म में हरियाली तीज को एक महत्वपूर्ण त्यौहार के रूप में माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज मनाई जाती है। इस साल 2023 में हरियाली तीज 19 अगस्त को मनाई जाएगी। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता पार्वती को विवाह के लिए हां कहा था। तभी से इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। आप इस हरियाली तीज 2023 के व्रत के लिए इन टिप्स को फॉलो कर सकती हैं जिससे व्रत के कारण आपकी सेहत पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। चलिए जानते हैं इन टिप्स को...
 
व्रत के दिन ऐसे रहें एनर्जेटिक
  • मौसम में उमस होने के कारण आप व्रत के दिन 3 बार नहा सकती हैं जिससे आपके शरीर का तापमान सही रहेगा। 
  • पूजा करने के बाद या नहाने के बाद पुरे दिन हलके कपड़ों में रहने की कोशिश करें। साथ ही हलके फैब्रिक की साड़ी पहनें।
  • व्रत के समय ज्यादा काम न करें। व्रत के समय काम करने से एनर्जी ज्यादा व्यर्थ होती है जिससे थकान महसूस होती है। 

webdunia
निर्जला व्रत से पहले ऐसे खाएं खाना
  • निर्जला व्रत को शुरू करने से पहले आप खाने पीने का खास ध्यान रखें जिससे अगले दिन आपको ज्यादा तकलीफ न हो। 
  • व्रत रखने के एक दिन पहले शाम को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की कोशिश करें जिससे अगले दिन डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। 
  • व्रत के एक दिन पहले नारियल पानी का सेवन करें जिससे आपके शरीर को भरपूर मात्रा में हाइड्रेशन मिलेगा। साथ ही नारियल पानी में मौजूद पोषक तत्व और मिनरल आपको एनर्जी प्रदान करेंगे। 
  • व्रत के एक दिन पहले कम नमक खाएं। ज्यादा नमक खाने से आपको डिहाइड्रेशन हो सकता है। साथ ही शाम को भी कुछ मीठा खाकर सोएं। 
व्रत के दिन इन बातों का खास ध्यान रखें
व्रत वाले दिन आप कोशिश करें की घर पर रहें। किचन में ज्यादा काम न करें। कोशिश करें की ac, पंखा या कूलर में ही रहें। ऐसा कोई काम न करें जिससे आपको ज्यादा पसीना आए। इसके साथ ही भजन या किसी प्रकार की धार्मिक एक्टिविटी करें जिससे आपका ध्यान डाइवर्ट न हो। 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सिंधारा दोज क्या है और क्यों मनाया जाता है ये पर्व?