गणतंत्र को निगलता मनमानी तंत्र

राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का प्रथम भाषण

गणतंत्र को गुणतंत्र कौन बनाएगा?

गणतंत्र दिवस : इतिहास के झरोखे से

हे भारत मां तेरा अभिनन्दन है

पावन है गणतंत्र यह

पावन है गणतंत्र यह, करो खूब गुणगान। भाषण-बरसाकर बनो, वक्ता चतुर सुजान॥ वक्ता चतुर सुजान, देश का गौरव...

गणतंत्र दिवस : प्रतीक स्वाभिमान का

गणतंत्र दिवस है प्रतीक स्वाभिमान का सद्भाव का, सद्बुद्धि का, उस संविधान का जिसने सभी धर्मों का नित स...

हिन्दी दोहे गणतंत्र के

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान। छह दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान॥ सब धर्मों को मान दे, रचा ...

गणतंत्र दिवस फिर आया है

आज नई सज-धज से गणतंत्र दिवस फिर आया है। नव परिधान बसंती रंग का माता ने पहनाया है। भीड़ बढ़ी स्वागत करन...

हिन्दी कविता : दिवस गणतंत्र है

सत्य औ अहिंसा का, देता जो मंत्र है हर्षोल्लास भरा, दिवस गणतंत्र है। आबाल वृद्ध, नर नारी के, ह्रदय मे...
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