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ओड़िशा के बाद बंगाल पहुंची बरबादी की 'तितली', मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भारी नुकसान

हमें फॉलो करें ओड़िशा के बाद बंगाल पहुंची बरबादी की 'तितली', मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भारी नुकसान
, शनिवार, 13 अक्टूबर 2018 (01:07 IST)
कोलकाता/ भुवनेश्वर। चक्रवात 'तितली' शुक्रवार को गहरे दबाव में तब्दील होकर कमजोर हुआ और पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ है, जिसके बाद मूसलाधार वर्षा हुई तथा ओड़िशा में 3 एवं पश्चिम बंगाल में 1 व्यक्ति की मौत हो गई।
 
 
चक्रवात और भारी वर्षा से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भारी नुकसान हुआ। पश्चिमी मेदनीपुर में एक व्यक्ति की जान चली गई तथा राजमार्ग 5 पर कई पेड़ उखड़ गए। यातायात अवरुद्ध हो गया। पश्चिमी मेदनीपुर और झाड़ग्राम में गुरुवार की रात से ही बारिश हो रही है।
 
इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि शनिवार तक पश्चिम बंगाल में गंगा नदी के आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। उसने कहा कि चक्रवात गहरे दबाव में तब्दील होकर कमजोर हुआ है और पूर्वोत्तर दिशा में बढ़ रहा है।
 
पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के जिलाधिकारी पी मोहन गांधी ने बताया कि खड़गपुर में एक फैक्टरी की दीवार गिर जाने से 35 साल के एक गार्ड की मौत हो गई। बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 10 अन्य लोग घायल हो गए। झाड़ग्राम जिले में तूफान की वजह से रोहिणी बाजार, संकरैल और झाड़ग्राम प्रखंड क्षेत्रों में कच्चे मकान और पंडाल गिर गए।
 
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि गहरे दबाव की वजह से उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, पूरबा, पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पूरबा बर्धमान, हावड़ा और हुगली जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।
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विभाग ने कहा है कि कोलकाता, बांकुरा, पुरुलिया, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, माल्दा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में शनिवार तक भारी वर्षा होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के समुद्र तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को शनिवार तक गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। 
 
दीघा और पास के अन्य समुद्री पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को शनिवार तक सामुद्रिक गतिविधियों में नहीं शामिल होने का सुझाव दिया गया है। ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर शुक्रवार को 3 हो गई। राज्य सरकार ने बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ कर्मियों को तैनात किया है।
 
पुलिस के अनुसार दो शव गंजम जिले में बरामद किए गए। इनमें से एक शव आंध्रप्रदेश के विजयनगरम के 40 वर्षीय एक मछुआरे का है। वह पिछले दो दिनों से लापता था। दूसरा शव गंजम जिले के भूटा पंकल गांव के 45 वर्षीय एक व्यक्ति का है। 
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बृहस्पतिवार को आठ साल के एक बच्चे का शव मिला था। ओड़िशा सरकार ने हालांकि अभी तक इन मौतों की पुष्टि नहीं की है। आंध्र प्रदेश में तूफान के कारण आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्य सचिव एपी पाधी ने कहा कि हमने दो या तीन लोगों की मौत की मीडिया खबरें देखी हैं। हम इसकी जांच कर रहे हैं। 
 
इस बीच, राज्य सरकार ने दक्षिणी ओडिशा के तीन जिलों- गंजम, गजपति और रायगढ़ा में बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ कर्मियों को तैनात किया है, जहां 60 लाख लोग चक्रवात से हुई भारी वर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन तीन जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है क्योंकि प्रमुख नदियों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। चक्रवात के कारण इन जिलों में तीन दिनों में सबसे ज्यादा बारिश हुई।
विशेष राहत आयुक्त बीपी सेठी ने कहा कि बालासोर जिले के लोग भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
 
राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्णय एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जहां मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लिया। पटनायक ने नदी के टूटे तटबंधों की तुरंत मरम्मत पर जोर दिया और जिला कलेक्टरों से राहत शिविरों में रह रहे लोगों को पका भोजन मुहैया कराने को कहा।
 
उन्होंने तूफान से बुरी तरह प्रभावित तीन जिलों का दौरा करने और बचाव एवं राहत अभियान की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई। गंजम जिले में बाढ़ के कारण सड़कों के डूब जाने से कुछ इलाकों का संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट गया है। वहां राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नौसेना से दो हेलीकॉप्टरों की मांग की गई है।

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