अनुच्छेद 35 ए : कश्मीर में अलगाववादियों के आह्वान के कारण पूर्ण बंद

रविवार, 5 अगस्त 2018 (14:17 IST)
श्रीनगर। उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 35-ए की वैधता को कानूनी चुनौती के खिलाफ अलगाववादियों के पूर्ण बंद के आह्वान के कारण रविवार को कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।
 
गौरतलब है कि अनुच्छेद 35-ए के तहत राज्य में जम्मू-कश्मीर के बाहर के किसी व्यक्ति के अचल संपत्ति खरीदने पर रोक है। अधिकारियों ने बताया कि पूरी घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण है और अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हड़ताल के कारण पूरी घाटी में दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं जबकि सड़कों पर कोई वाहन नहीं चल रहा है।
 
उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 35-ए की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर 
सोमवार को सुनवाई की तारीख तय किए जाने को लेकर ज्वॉइंट रसिस्टेंट लीडरशिप (जेआरएल) ने रविवार और सोमवार को 2 दिवसीय बंद का आह्वान किया है। राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार के पास एक आवेदन दायर किया था जिसमें उसने सूचना दी थी कि वह आगामी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय एवं राज्य में नगरपालिका चुनावों के लिए चल रही तैयारी के कारण याचिका की सुनवाई स्थगित करने की मांग कर रही है।
 
अधिकारियों ने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर और कश्मीर में दूसरी अतिसंवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। बार एसोसिएशन, ट्रांसपोर्टर एवं व्यापारिक संगठनों सहित विभिन्न संगठनों ने जेआरएल के बंद का समर्थन किया है। जेआरएल में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और मोहम्मद यासिन मलिक शामिल हैं।
 
नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी जैसी मुख्य धाराओं की पार्टियों के कारण कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शन की कई घटनाएं होती रही हैं। इन पार्टियों ने अनुच्छेद 35-ए को जारी रखने के समर्थन में प्रदर्शन किया है। (भाषा)

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी

विज्ञापन
जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

LOADING