हरतालिका तीज का नाम कैसे पड़ा, तीज पर पढ़ें पार्वती जी के 5 और शिव जी के 7 मंत्र

Webdunia
हरतालिका तीज का पर्व शिव और पार्वती के मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मां पार्वती ने 107 जन्म लिए थे कल्याणकारी भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए। अंततः मां-पार्वती के कठोर तप के कारण उनके 108वें जन्म में भोले बाबा ने पार्वती जी को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। 
 
क्यों पड़ा हरतालिका तीज नाम? 
 
हरतालिका दो शब्दों से बना है, हर और तालिका। हर का अर्थ है हरण करना और तालिका अर्थात सखी। यह पर्व भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, इसलिए इसे तीज कहते हैं। इस व्रत को हरतालिका इसलिए कहा जाता है, क्योंकि पार्वती की सखी उन्हें पिता के घर से हरण कर जंगल में ले गई थी। 
 
मां पार्वती को प्रसन्न करने के 5 मंत्र 
 
ॐ उमाये नमः। ॐ पार्वत्यै नमः। ॐ जगद्धात्रयै नमः। ॐ जगत्प्रतिष्ठायै नमः। ॐ शांतिरूपिण्यै नमः। 
 
भगवान शिव को प्रसन्न करने के 7 मंत्र 
 
ॐ शिवाय नमः। ॐ हराय नमः। ॐ महेश्वराय नमः। ॐ शम्भवे नमः। ॐ शूलपाणये नमः। ॐ पिनाकवृषेनमः। ॐ पशुपतये नमः। 

 

श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा था जरूर रखें घर में यह 5 चीजें, जानिए क्या हैं वे वस्तुएं

सत्यवती ने पराशर ऋषि से 'सुहागरात' मनाने की रखी थीं ये शर्तें

गुरु का राशि परिवर्तन, जानिए आप पर क्या होगा असर...

किस्मत चमका देंगे, हर काम बना देंगे... बहुत आसान है यह 10 उपाय

Pulwama attack : कश्मीर में 14 सालों बाद बीएसएफ की तैनाती, कुछ बड़ा होने वाला है...

सम्बंधित जानकारी

हवन में 'स्वाहा' क्यों बोलते हैं, जानिए रहस्य...

अंक ज्योतिष भी मानता है इन तीन अंकों को बहुत बुरा, कहीं आपका मूलांक तो इसमें शामिल नहीं?

कारोबार में होगी मनचाही प्रगति, 3 उपाय बहुत काम के हैं...

मोमबत्ती बताती है आपका भविष्य, जानिए कैसे, पढ़ें रोचक जानकारी

किस्मत चमका देंगे, हर काम बना देंगे... बहुत आसान है यह 10 उपाय

इन 8 चीजों को कभी न करें अनदेखा, ये हो सकती हैं अनहोनी का संकेत

प्रभु श्रीराम ने शबरी के जूठे फल खाए, ऐसी कौन सी विशेषता थी शबरी के फलों में, पढ़ें रोचक आलेख

मंगलमयी और कल्याणकारी जीवन चाहते हैं तो ऐसे करें शिवजी का पूजन, पढ़ें मानस पूजा अर्थ सहित

एक रहस्यवादी सिद्धपुरुष अवतार थे मेहर बाबा...

सुहागिनों का प्रतीक है सिंदूर, जानिए सौभाग्यवती स्त्रियां अपनी मांग में इसे क्यों लगाती हैं?

अगला लेख