मद्रास उच्च न्यायालय ने चिदंबरम को दी राहत

मंगलवार, 14 नवंबर 2017 (22:29 IST)
चेन्नई। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम तथा उनके परिवार के स्वामित्व वाले एक कॉफी इस्टेट की वित्त वर्ष 2008-09 की आय पर कर का भुगतान करने के आयकर विभाग के एक आदेश को मद्रास उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है।
 
न्यायमूर्ति टीएस शिवज्ञानम ने 31 मार्च 2016 का नोटिस और उसके बाद चेन्नई के सहायक आयकर आयुक्त द्वारा 30 दिसंबर को जारी पुनर्मूल्यांकन आदेश कल रद्द कर दिया। आयकर विभाग ने चिदंबरम और उनके परिजनों से करीब छह लाख रुपए का भुगतान करने के लिए कहा था।
 
मामला कर्नाटक के कूर्ग में 2008-09 में उनके बागान से कॉफी और पीपर की बिक्री से होने वाली आय को आयकर अधिनियम की धारा 10 (1) के तहत कृषि आय के रूप में पूरी तरह करमुक्त करने के दावे वाली याचिकाओं से जुड़ा है। मामले में चिदंबरम के अलावा उनके बेटे कार्ति, पुत्रवधू श्रीनिधि और पत्नी नलिनी अन्य याचिकाकर्ता हैं।
 
टॉप 6 शहरों के सर्वेक्षण, जिनमें सर्वाधिक करियर के अवसर मौजूद हैं तकनीक के बुनियादी ढांचे में तेजी से प्रगति और घरेलू कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा भारत में युवाओं के बीच तकनीक को अपनाने के लिए गति दे रहा है, हालांकि इन मेट्रो शहरों में युवाओं द्वारा खोजी जाने वाली नौकरियों में आईटी सेक्टर की तुलना में एमबीए या ई-कॉमर्स इंडस्ट्री से अधिक नहीं है।
 
हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार, ई-कॉमर्स उद्योग में निरन्तर विस्तार हो रहा है और वह दिन दूर नहीं जब भारत ई-कॉमर्स उद्योगों के क्षेत्र में अमेरिको को भी पीछे छोड़ देगा। इस सर्वेक्षण की मानें तो अगले 10 वर्षों में भारत दूसरा सबसे बड़ा ई-कॉमर्स देश बन जाएगा। इतना ही नहीं यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ई-कॉमर्स उद्योग जल्द ही 30% की दर से आगे बढ़ सकता है।
 
इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग के कारण भारत में आईटी सेक्टर और ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में दिन-प्रतिदिन विकास हो रहा है। भारत में बढ़ते इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या इस बात का संकेत है कि भारत को डिजिटल भारत बनाने में आईटी सेक्टर और ई-कॉमर्स इंडस्ट्री एक प्रमुख भूमिका निभा रही है।
 
आईटी क्षेत्र के बढ़ते विकास के कारण शिक्षा क्षेत्र में इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान की भी मांग बढ़ने लगी है और इसी कारण भारत के इस क्षेत्र में होने वाले विकास दर में 35.6% की बढ़ोतरी की संभावना है। नई खोज की विचारधारा वाली संचार योजना, भविष्य में तकनीक के निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण कुंजी है।
 
आधुनिक विश्व अर्थव्यवस्था आईटी क्षेत्र में भारत आईटी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। जहां पहले नौकरियां केवल बेंगलुरु तक ही सीमित थीं, आज वहीं इस क्षेत्र का विकास हो रहा है और अब भारत का आईटी हब चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, हैदराबाद आदि अन्य शहरों में भी फैल गया है।
 
एमबीए की डिग्री प्राप्त करने से लोगों को आर्थिक तरीकों को उन्नत तरीके से सीखने में मदद मिल रही है। अगर आपका संवाद कौशल बहुत अच्छा हैं तो आप अपने लिए बेहतर नौकरियों के अवसरों को खोज सकते हैं।
 
आज के इस डिजीडल युग में एमबीए की डिग्री प्राप्त लोगों की संख्या एमटेक की डिग्री प्राप्त लोगों की तुलना में कम है, क्योंकि यह आपको एक ही क्षेत्र में अपने ज्ञान का विस्तार करने का अवसर प्रदान करता है। इस क्षेत्र में कई अन्य सुविधाओं का विकास हुआ है, जिसके कारण सरकारी व निजी दोनों क्षेत्रों में एमटेक की डिग्री प्राप्त करने वाले लोगों की मांग बहुत अधिक बढ़ रही है।
 
हालही में यूथ4वर्क के द्वारा आई एक रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु (35%) में आईटी उद्योग में नौकरी के अवसरों की सबसे अधिक उपलब्धता है, इसके बाद हैदराबाद (23%), दिल्ली (22.5%) और अहमदाबाद (19%) में नौकरियां उपलब्ध हैं, लेकिन मुंबई (15%) और चेन्नई (11%) जैसे शहरों में कम से कम नौकरी के अवसर मौजूद हैं। अगर बात करें एमबीए और ई-कॉमर्स क्षेत्र की तो यहां दिल्ली (37%) सबसे ऊपर है, जबकि मुंबई (28%), बेंगलुरु (21%), अहमदाबाद (17%), चेन्नई (14%) और हैदराबाद (12%) सबसे कम है। (भाषा)

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