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ठंड से 44 की मौत पर बवाल, क्या बोले केजरीवाल...

हमें फॉलो करें ठंड से 44 की मौत पर बवाल, क्या बोले केजरीवाल...
नई दिल्ली , मंगलवार, 9 जनवरी 2018 (09:13 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले छह दिन के दौरान ठंड से 44 लोगों की मौत के समाचार से विपक्ष के निशाने पर आई केजरीवाल सरकार ने इसके लिए एक बार फिर सारा दोष उपराज्यपाल अनिल बैजल पर मढ़ने की कोशिश की है। 
 
मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आश्रय बोर्ड में निकम्मे अधिकारी की नियुक्ति बताकर बैजल पर हमला किया जबकि पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने इन मौतों के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
 
मीडिया में ठंड से 44 बेघर लोगों की मौत के समाचार आने के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर बैजल पर इसके आरोप मढ़ते हुए कहा कि उपराज्यपाल ने निकम्मे अधिकारी को नियुक्त किया है। गौरतलब है कि दिल्ली में अधिकारों की लड़ाई का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
 
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि ठंड से मौत के मामलों में वह दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कारण बताते नोटिस जारी करने वाले हैं। उन्होंने लिखा कि पिछले साल लापरवाही से मौतें हुई थीं। इस वर्ष एलजी ने निकम्मे अधिकारी की नियुक्ति कर दी। उन्होंने लिखा कि उपराज्यपाल ने अधिकारियों की नियुक्ति करने से पहले हमसे राय लेने से इन्कार कर दिया। हम इस तरह सरकार कैसे चला सकते हैं?
 
इस बीच, कपिल मिश्रा ने राजधानी में ठंड से 44 लोगों के मरने पर केजरीवाल से इस्तीफे की मांग की है। करावल नगर से आप विधायक मिश्रा ने अपने ट्वीट में राजधानी में ठंड से मरने वालों को लेकर केजरीवाल और आप की तरफ से राज्यसभा की सीट के लिए नामांकन करने वाले संजय सिंह पर जमकर हमला किया।
 
सिंह के इस बयान पर कि दिल्ली में ही नहीं झारखंड में भी लोग मर रहे हैं, मिश्रा ने लिखा, 'डूब मरो राज्यसभा सांसद दिल्ली के हो। बनाना था लंदन बना दिया झारखंड।'
 
पूर्व मंत्री ने ठंड से मौत मामले पर मुख्यमंत्री के दिल्ली आश्रय बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस दिए जाने पर लिखा, 'केजरीवाल का सच-बोर्ड के चेयरमैन खुद हैं, 44 मौत होने पर नोटिस अधिकारी को।'  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को त्यागपत्र दे देना चाहिए।
 
मिश्रा ने कहा कि ठंड से 44 लोगों के मरने की सीधे जिम्मेदारी केजरीवाल की है, जो आश्रय बोर्ड के अध्यक्ष हैं। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और फिर प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी की है। इसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी का स्थान आता है। उन्होंने कहा कि दो माह पहले गुजरात विधानसभा चुनाव में आश्रय बोर्ड के अधिकारी के कामकाज की प्रशंसा करते हुए केजरीवाल थक नहीं रहे थे और अब मौतों के लिए उन्हें जिम्मेदार बताया जा रहा है।
 
आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद रीट्वीट किया है, 'जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया था विधानसभा की समिति ने उनके सेवा रिकार्ड को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी।' पूर्व मुख्य सचिव अपने अधिकारी के बचाव में उच्च न्यायालय पहुंच गए। एलजी कभी भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे।
 
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल को निशाना बनाते हुए कहा कि दिल्ली में ठंड से मरने वालों को आप के भरोसे छोड़ना ठीक नहीं। सड़क से आंदोलन शुरू करने वाले महलों में सो गए और सड़क वाले मौत के मुंह में समा रहे हैं। उन्होंने ठंड से ठिठुर रहे बेघरों को बचाने के लिए लोगों से सड़कों पर आने की अपील की। (वार्ता) 
 

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