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मतदाताओं की तस्वीरें नहीं लेती वीवीपैट, चुनाव आयोग ने दी सफाई

हमें फॉलो करें मतदाताओं की तस्वीरें नहीं लेती वीवीपैट, चुनाव आयोग ने दी सफाई
नई दिल्ली , रविवार, 5 अगस्त 2018 (20:40 IST)
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने उन दावों के प्रति लोगों को सावधान रहने को कहा है जिसमें मतदाताओं से यह कहते हुए किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने को कहा जाता है कि आपने धन लिया है और आप हमें मूर्ख नहीं बना सकते। वीवीपैट (वोटर-वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मतदान के दौरान आपकी तस्वीर खींचती है। उन्होंने इन दावों को झूठी अफवाह बताकर खारिज किया है।
 
उन्होंने कहा कि धन का इस्तेमाल करके वोट खरीदने की कोशिश कर रहे कुछ लोग इसे फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस धारणा को खारिज करने के लिए अभियान चलाएगा।
 
फैलाया जा रहा है यह झूठ : अफवाहों का उल्लेख करते हुए रावत ने कहा कि जो लोग मतदाताओं को नकदी बांटते हैं वे उन्हें यह कहकर धमका सकते हैं कि पेपर ट्रेल मशीन मतदान करते वक्त उनकी तस्वीर ले लेती है। मतदाताओं को यह झूठा विश्वास दिलाया जाता है कि यह पता चल जाएगा कि ईवीएम पर कौन सा बटन दबाया गया।
 
उन्होंने कहा कि वे नकदी के बदले में मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने को कहते हैं और झूठ बोलते हैं कि अगर उनकी इच्छा उनके पक्ष में मतदान करने की नहीं है तो नकदी स्वीकार नहीं करनी चाहिए क्योंकि पेपर ट्रेल मशीन से ली गई तस्वीर से उनका पर्दाफाश हो जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग एक अभियान चलाकर मतदाताओं को जागरूक बनाएगा कि पेपर ट्रेल मशीन से मतदान केंद्र पर मतदाताओं की गोपनीयता भंग नहीं होती है।
 
ऐसे काम करती है वीवीपैट : रावत ने बताया कि वीवीपैट सिर्फ एक मशीन है, जिसमें वोट डालने के बाद एक पर्ची दिखाई देती है। मतदाता इससे आश्वस्त हो जाते हैं कि उनका वोट सही जगह डल गया है। यह पर्ची मशीन के अंदर ही रहती है, कोई भी इसे साथ लेकर नहीं जा सकता है। मतगणना के वक्त जरूरत होने पर ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान किया जाता है।
 
वीवीपीएटी या पेपर ट्रेल मशीनों का सभी मतदान केंद्रों में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, फिलहाल ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों के नतीजों का प्रति निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से एक ही मतदान केंद्र पर मिलान किया जाता है।
 
होगा ईवीएम और वीवीपैट के नतीजों का मिलान : ईवीएम को किसी खास राजनीतिक दल के पक्ष में हैक किए जाने की धारणा को खारिज करने के लिए वैसे मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है जहां ईवीएम और वीवीपीएटी के नतीजों का मिलान किया जाएगा।  
 
देश के किसी भी हिस्से से वोट डाल पाएंगे : ओपी रावत ने कहा कि चुनाव आयोग ऐसी तकनीक लाने पर काम कर रहा है, जिससे मतदाता गृहनगर से बाहर कहीं से भी वोट डाल पाएंगे। आने वाले कुछ सालों में नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।

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