शहद जैसी मीठी-मीठी माँ

क्या ऐसी होती है माँ

'माँ तुझे सलाम है'

माँ तो बस माँ होती है

माँ तुझे प्रणाम...

हर हाल में बच्चों पर प्यार उड़ेलती है माँ

मेरी माँ

'माँ' जिसकी कोई परिभाषा नहीं, जिसकी कोई सीमा नहीं, जो मेरे लिए भगवान से भी बढ़कर है

औरत का सच्चा रूप है माँ

आँचल इसका खुशियों की फुलवारी

माँ के लिए बस एक दिन?

LOADING