हिन्दी भाषा पर कविता : हम सब मिलकर दें सम्मान

संजय जोशी 'सजग'
भाषा जब सहज बहती,
संस्कृति, प्रकृति संग चलती।
 
भाषा-सभ्यता की संपदा,
सरल रहती अभिव्यक्ति सर्वदा।
 
कम्प्यूटर के युग के दौर में,
थोपी जा रही अंग्रेजी शोर में।
 
आधुनिकता की कहते इसे जान,
छीन रहे हैं हिन्दी का रोज मान।
 
हम सब मिलकर दें सम्मान,
निज भाषा पर करें अभिमान।
 
हिदुस्तान के मस्तक की बिंदी
जन-जन की आत्मा बने हिन्दी।
 
हिन्दी के प्रति होंगे हम 'सजग'
राष्ट्रभाषा को मानेगा सारा जग।

बार-बार पेशाब आने के 5 कारण और उपाय

नैतिक कथा : जीवन का मूल्य

कहानी : अपनी तुलना दूसरों से न करें

किस वार को जन्मे हैं आप? जानिए वार अनुसार अपना स्वभाव...

श्री हनुमान चालीसा

सम्बंधित जानकारी

हिन्दी कविता : सूरज

प्रेम कविता : बात मुद्दत से जो थी आंखों में....

प्रियंका चोपड़ा को भी हो चुका है अस्थमा, देसी गर्ल ने बताई ये 13 सावधानियां...

स्ट्रॉबेरी में मिल रही है सुई, कौन लाया, कहां से आई

बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ा सकता है घर में कीटनाशकों का इस्तेमाल

किस तिथि को होता है किन पितरों का श्राद्ध, यह 6 बातें आपके काम की हैं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली की 8 बड़ी बातें, 2019 में क्या होंगी ज्योतिषीय चुनौतियां

श्राद्धपक्ष 16 दिन ही क्यों ...जानिए,श्राद्धपक्ष और 16 दिन का संयोग...

यंग और ब्यूटीफुल त्वचा के लिए डाइट में लें ये 5 चीजें

क्यों नहीं होते 16 दिन शुभ कार्य? श्राद्ध में कौए-श्वान और गाय का महत्व

अगला लेख