कोई हमदम ना रहा, कोई सहारा ना रहा

ये नयन डरे डरे

आओ ना आओ ना जेहलम में बह लेंगे

सोमवार, 24 अप्रैल 2017

वैसे तो तेरी ना में भी मैंने ढूंढ़ ली अपनी ख़ुशी

पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है

मेरी जान तुम पे सदके

जब जब फूल खिले, तुझे याद किया हमने

जाग दर्दे-इश्‍क़ जाग... दिल को बेक़रार कर...

जलते है जिसके लिए, तेरी आंखों के दीये

आओगे जब तुम ओ साजना, अंगना फूल खिलेंगे

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