'कौन बनेगा करोड़पति' की पहली विजेता बिनीता जैन से बातचीत

रूना आशीष

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2018 (17:46 IST)
'कौन बनेगा करोड़पति' की पहली करोड़पति विजेता बिनीता जैन असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं और 2003 में आतंकवादियों द्वारा अपने पति का अपहरण किए जाने के दु:ख को झेल चुकी हैं। लेकिन हिम्मत न हारकर बिनीता ने पहले खुद की पढ़ाई पूरी की और अब वे कक्षा 10, 11 और 12 को पढ़ा रही हैं। उनसे बात की 'वेबदुनिया' संवाददाता रूना आशीष ने।
 
 
इनाम राशि का क्या करने वाली हैं?
मेरा बेटा है, जो डेंटिस्ट है तो उसका क्लिनिक जमाने में ये पैसा काम आएगा। पहले हम क्लिनिक बनाते लेकिन शायद बहुत काट-जोड़ करते लेकिन अब हम इसे सुसज्जित और नई तकनीकी के साथ बनाने वाले हैं।
 
अपने लिए कुछ नहीं करेंगी?
मैं तो अपने बच्चे के करियर के साथ ही अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर चुकी हूं। अपना करियर भी बना लिया। अब मैं स्कूल में पढ़ा रही हूं, तो ऐसी कोई इच्छा बाकी नहीं है। लेकिन कभी किसी दिन मौका मिला तो गरीब बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहूंगी।
 
आपके अनुसार अभी देश में शिक्षा में क्या बदलाव होने चाहिए?
हमारे देश में आज इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत है। ये क्षेत्र सबसे पिछड़ गया है। कई बार लगता है कि इसमें नयापन होना चाहिए, साथ ही हमें टीचर्स को भी प्रशिक्षण देना चाहिए, क्योंकि अगर टीचर्स सही होंगे तो छात्र-छात्राएं भी सही दिशा में जाएंगे। इस क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के महत्व को बढ़ाना चाहिए। साथ ही हमारे पाठ्यक्रम में काम आने वाली किताबों को भी अपडेट करना चाहिए, क्योंकि संचार के माध्यम में टेलीफोन या टेलीग्राफ जैसी चीजें पढ़ाई जा रही हैं जबकि बच्चे हाथों में इससे कहीं ज्यादा टेक्निकली एडवांस होती है, तो वे हंसते हैं ये सब पढ़कर।
 
आप सामाजिक शास्त्र और राजनीति शास्त्र पढ़ाती हैं। इन सब ने आपकी जीत में कैसे भूमिका निभाई?
केशवानंद भारती केस मैंने पढ़ाया हुआ है और ये मेरे पाठ्यक्रम का हिस्सा रहा है। तो जो आखिरी सवाल मैंने हल किया, वो इसी वजह से कर पाई। मैं 'केबीसी' आने के पहले वो सब और भी गहराई से पढ़कर आई थी।
 
बच्चन साहब से मिलना कैसा रहा?
मैं जब हॉट सीट पर पहुंची, तब जाकर एकदम बौखलाहट-सी होने लगी। मुझे लगा कि अब क्या करूं और कैसे होगा इनके सामने सबकुछ? लेकिन फिर खुद बच्चन साहब ही मुझे कम्फर्टेबल करने लगे। मैंने भी अपने आपको समझाया कि अब ये दिनभर मेरे साथ ही हैं, तो मैं खेल पर ही ध्यान दूं। उन्हें देखकर लगता है कि आप कितने भी बड़े हो जाएं उम्र या ओहदे से, लेकिन आप में सरलता और नम्रता हमेशा रहनी चाहिए।
 
उनकी कोई फेवरेट फिल्म?
वैसे तो सभी देखी हैं। पिछले 10 सालों में आई उनकी फिल्में मुझे पहले की पुरानी फिल्मों से भी ज्यादा पसंद आती हैं। उनकी 'पीकू' मुझे बहुत पसंद है। जिस तरह से उन्होंने अपना रोल निभाया है, उसे देखकर आपको अपने आसपास का कोई भी बंगाली शख्स याद आ जाएगा। वो रोल बहुत सटीक होकर निभाया था उन्होंने।

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