स्मृति आदित्य

शब्दों को एकत्र किया, सजाया, संजोया और जब लिखने बैठी तो फिर सब बिखर गए, मन टूट गया कि अटल जी चले गए... बार-बार की कोशिश के...
क बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय 'चिंतामणि' प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल...
दोस्ती एक ऐसा आकाश है जिसमें प्यार का चंद्र मुस्कुराता है, रिश्तों की गर्माहट का सूर्य जगमगाता है और खुशियों के नटखट...
वे स्वयं आजीवन जमीन से जुड़े रहे और अपने पात्रों का चयन भी हमेशा परिवेश के अनुसार ही किया। उनके द्वारा रचित पात्र होरी...
सावन के पवित्र महीने में हम पूजा-पाठ, अनुष्ठान, विधि-विधान, दान- पुण्य, व्रत-उपवास सब करें। उम्र के नए साथी प्रेम-मोहब्बत...
उज्जैन में भगवान शिव राजाधिराज के रूप में विराजमान है। श्रावण मास में वे अपनी प्रजा का हालचाल जानने के लिए नगर भ्रमण...
नीरज ने जिस कोमलता और रोमांस को फूलों के शबाब की तरह घोला, दिल की कलम से दर्शकों को जो इतनी नाजुक पाती लिखी वह कई कई सदियों...
यह कथा है भगवान महाकालेश्वर के उज्जैन में स्थापित होने की। कैसे राम भक्त हनुमान ने प्रकट होकर घोषणा की, कैसे एक बालक...
योग से मन स्वच्छ हो योग से तन स्वस्थ हो योग पर ना धन खर्च हो योग करें हम योग करें
सेहत का शुभ संयोग हो प्रकृति का सहयोग हो स्वस्थ सारे लोग हो.... योग हो... योग हो ...
आत्महत्या। किसी के लिए हर मुश्किल से बचने का सबसे आसान रास्ता तो किसी के लिए मौत को चुनना सबसे कठिन। मैं यह नहीं कह सकती...
मां इस पृथ्वी पर सबसे ज्यादा उपेक्षित और अकेली प्राणी है। कम से कम इस एक दिन तो उसे उतना समय दिया जाए जिसकी वह हकदार है।
'मां' शब्द की पवित्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि हिन्दू धर्म में देवियों को मां कहकर पुकारते है। बेटी या बहन...
मां से भी कोई माफी मांगता है भला? ना, मां तो वह, जो अपनी होती है, बहुत अच्छी होती है और उससे माफी नहीं मांगी जाती इसीलिए...
भारतीय संस्कृ‍‍ति की पारंपरिक मां बहुत भोली, बहुत भावुक होती है। औपचारिकताओं के प्रतिकूल परिवेश में उसकी सहजता कसमसाती...
माता-पिता की सघन छांव से अधिक सुरक्षित जगह क्या होगी.. ? सुरक्षा की उस कड़ी पहरेदारी में भी अगर सेंध लग जाए तो सोचना होगा...
ना वह हिन्दू थी ना ही मुस्लिम थी। उसकी एक ही पहचान थी वह बेटी थी। ना मंदिर था न मस्जिद थी जहां बलात्कार हुआ वह जगह गंदी...
एक मंदिर था, एक कन्या थी... मंदिरों में कन्या पूजन होता है, पर उस मंदिर में रूदन था तुम्हारा आसिफा....तुम आसिफा थी या अनीता.....
समाज की 4 बड़ी बुराइयां,4 युवतियां और उनकी 4 अधूरी कहानियां....'चार अधूरी बातें' युवा लेखक अभिलेख द्विवेदी का लघु उपन्यास...
रात के अंधेरे में जीवन के गहरे रहस्य छुपे होते हैं। जीवन भी कई बार निराशाओं और अवसाद की काली रात से गुजरता है, लेकिन उस...
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