स्मृति आदित्य

मैं यह नहीं कहती कि नारी उपलब्धियाँ नगण्य हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि इनके समक्ष नारी अत्याचार की रेखा समाज ने इतनी...
औरत, महिला, स्त्री, नारी, खवातीन या वामा। पुकारने के लिए कई शब्द हैं, लेकिन महसूसने के लिए? कुछ भी नहीं, एक रिक्तता, जड़ता,...
नाम है ऋचा कर्पे... सकारात्मकता से लबरेज, उमंग से भरपूर एक ऐसी शख्सियत जिसने विषम परिस्थितियों में धैर्य, लगन, उत्साह...
इन दिनों उज्जैन नगरी दुल्हन की तरह इठला रही है। आखिर बाबा महाकाल का शुभ विवाह जो है। हर दिन दुल्हे की तरह सज रहे हैं बाबा...
हम सेना में नहीं जा सकते पर करोड़ों मन एक साथ एक स्वर में यह तो कह सकते हैं कि मेरा देश पहले है, मैं बाद में... देश की रक्षा...
प्रेम ना बाड़ी उपजै, प्रेम ना हाट बिकाय लेकिन क्या सचमुच?? असलियत तो ठीक इसके उलट है। प्रेम दिवस के लिए विशेष रूप से इसे...
वेलेंटाइन डे के मौके पर प्यार जैसी खूबसूरत अनुभूति को खत्म मत कीजिए। बल्कि इस दिन से इस कोमल भावना के सम्मान का संकल्प...
कहते हैं नर्मदा ने अपने प्रेमी शोणभद्र से धोखा खाने के बाद आजीवन कुंवारी रहने का फैसला किया लेकिन क्या सचमुच वह गुस्से...
यह हैं पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में इंटरनैशनल रिलेशन्स पढ़ाने वाले प्रोफेसर कनक सरकार जिनका मानना है कि...
ऐसी संक्रांति भी आएगी जब आने वाले वर्षों में ये मीठे पर्व नए महत्त्व और नई मासूमियत के साथ इस तरह मनाए जाएंगे कि पुरानी...
शब्दों को एकत्र किया, सजाया, संजोया और जब लिखने बैठी तो फिर सब बिखर गए, मन टूट गया कि अटल जी चले गए... बार-बार की कोशिश के...
निश्चित रूप से विराट उस मुकाम तक पहुँच चुके हैं जहाँ किसी रचना के जिक्र भर से उनकी स्मृति ताजा हो जाए। इन दोहों में जीवन...
बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती...
क्यों ना इस बार अपने दीपक आप बन जाएँ। 'देह' के दीप में 'आत्मा' की बाती को 'आशा' की तीली से रोशन करें। ताकि महक उठें खुशियों...
MeToo मीटू तूफान के निरंतर बढ़ने से कई लोगों की जान सांसत में है। अचानक जैसे किसी ने उनके पैरों के नीचे से कालीन खींच लिया......
#Metoo अभियान के बाद अचानक से ऐसा लगने लगा है कि दुनिया के सारे पुरुष लंपट हो गए हैं और तमाम सारी औरतें.. सीधी, सच्ची और शालीन.......
डॉ. पद्मेश गुप्त 2007 से ऑक्सफ़ोर्ड में ऑक्सफ़ोर्ड बिजनेस कॉलेज के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।आप हिन्दी भाषा के विकास...
सबरीमाला के द्वार अब महिलाओं के लिए भी खुले हैं। एक ठंडी बयार ने दस्तक दी तो याद आया कि यह शीतल फुहार पहले भी एक मंदिर...
धारा 497 के मद्देनजर आइए कुछ बातें साझा करें। छल, फरेब, धोखा जैसे शब्द आज भी उतनी ही नकारात्मक ध्वनि देते हैं जितनी कल देते...
श्री गणेश प्रतिमा को उसी तरह बिदा किया जाना चाहिए जैसे हमारे घर का सबसे प्रिय व्यक्ति जब यात्रा पर निकले तब हम उनके साथ...
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