समय ताम्रकर

लेखक बॉलीवुड सिनेमा के जानकार हैं।
हेमा मालिनी की मां जय चक्रवर्ती जब गर्भवती थी, तब उन्हें पता नहीं था कि बेटा होगा या बेटी। लेकिन वे बेटी होने को लेकर...
हिंदी फिल्मों में गीतकार अपना महत्व खोते जा रहे हैं क्योंकि संगीत का स्तर भी पहले जैसा नहीं रह गया है, लेकिन इनके बीच...
'सुई धागा' में कई दिल को छू लेने वाले सीन हैं, लेकिन पूरी फिल्म के बारे में यह बात नहीं कही जा सकती। सभी कलाकारों का अभिनय...
लता मंगेशकर को खेलों में क्रिकेट बेहद पसंद है। भारत के किसी बड़े मैच के दिन वे सारे काम छोड़ मैच देखना पसंद करती हैं।...
टॉयलेट- एक प्रेम कथा में निर्देशक श्री नारायण सिंह ने गांव में शौचालय की शोचनीय स्थिति पर फिल्म बनाई थी। अब उन्होंने...
अपराध और हिंसा पर फिल्म बनाना फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप का कम्फर्ट ज़ोन है, इससे बाहर निकलते हुए उन्होंने रोमांटिक...
सैनिक, सरहद और युद्ध फिल्मकार जे.पी. दत्ता के प्रिय विषय रहे हैं। इस पर उन्होंने 'बॉर्डर', 'एलओसी कारगिल', जैसी फिल्में...
इन दिनों वेब सीरिज़ को काफी पसंद किया जा रहा है और इसमें ऐसे विषय देखने को मिल रहे हैं जो कि टीवी या फिल्मों से अछूते रहे...
’1920’ जैसी कामयाब फिल्म बनाने के बाद विक्रम भट्ट इस समय ‘शापित’ नामक फिल्म में व्यस्त हैं। फिल्म के साथ-साथ विक्रम अब...
यदि भारतीय फिल्म के नायकों की भूमिका को गौर से देखा जाए तो वह काफी कुछ श्रीकृष्ण से मिलती-जुलती है। कृष्ण की तरह बॉलीवुड...
'यमला पगला दीवाना फिर से' को देख घोर निराशा होती है। पैसा, समय, मेहनत सब व्यर्थ हो गया। उम्मीद की जानी चाहिए कि 'यमला पगला...
अधिकांश फिल्मों में टीचर या प्रोफेसर भुलक्कड़ मिलेगा। उसे विद्यार्थी बेवकूफ बनाते रहते हैं और वह जोकरनुमा हरकत करता...
स्त्री एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है जिसमें कॉमेडी ज्यादा है। यहां तक कि डरावने दृश्यों में भी आप हंसते रहते हैं। चंदेरी...
सूत्रों की बातों पर यकीन किया जाए तो शाहरुख और कैटरीना को लेकर एक फिल्म की घोषणा आने वाले दिनों में सुनाई दे सकती है।...
'हैप्पी भाग जाएगी' का सीक्वल 'हैप्पी फिर भाग जाएगी' पहली फिल्म की परछाई मात्र साबित हुआ है। फिल्म से कुछ उम्दा लोगों के...
23 अगस्त 1944 को जन्मी सायरा बानो के बारे में विस्तार से जाने के पहले तीस के दशक की ग्लैमरस नायिका नसीम बानो को जानना ज्यादा...
मिलन मिलाप ज़वेरी ने 'सत्यमेव जयते' नामक फिल्म उस दर्शक वर्ग के लिए बनाई है जो बड़े परदे पर सिर्फ माराकूटी देखना पसंद...
रीमा कागती द्वारा निर्देशित फिल्म 'गोल्ड' में आधी हकीकत और आधा फसाना को दर्शाया गया है। लेखन के बजाय निर्देशक के रूप...
बॉलीवुड में ‘नागिन’ की कामयाबी के बाद इस तरह की फिल्मों की बाढ़ आ गई और शेषनाग (1957), नागमणि (1957), नाग पद्मिनी (1957), नाग लोक (1957),...
कमल हासन ने महसूस किया कि 'विश्वरूप' की कहानी को वे ढाई घंटे में नहीं दिखा सकते इसलिए उन्होंने इसे दो भागों में बनाने...
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