प्रज्ञा पाठक

अपने बाह्य व्यक्तित्व को आंतरिक व्यक्तित्व से अलग ना करें बल्कि उसका आइना बनाएं। जो निर्मलता भीतर है, वही बाहर भी रहे।

बच्चों को दीजिए उनका आकाश

बुधवार, 25 अप्रैल 2018
हम प्रायः अपने बच्चों को उसके भाई-बहनों या मित्रों का अनुकरण करने को कहते हैं। जो हमारी दृष्टि में योग्य है, वही बच्चों...
एक राजनेता की किसी समारोह के दौरान चप्पलें गुम हो जाने की वजह से समारोह-स्थल से अपनी कार तक के मात्र दस कदम के फासले को...
वर्षों बाद वो दोनों सखियां मिलीं। मन में भावनाओं का ज्वार। आंखें ख़ुशी के आंसुओं से सिक्त। जब परस्पर स्नेहालिंगन किया,तो...
पड़ोसियों में कोई विवाद हो,तो हमें क्या करना? कोई बेटा अपने माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करे,तो हमें क्या करना? कोई पति...
इंटरव्यू वाले दिन उसने पड़ोस के धोबी से अनुनय-विनय कर एक अच्छा शर्ट मांगकर पहना और जूते दोस्त से उधार लिए।
ज्ञानवान व्यक्ति की चीजों को समझने या ग्रहण करने की क्षमता अन्य लोगों की तुलना में अधिक होती है, लेकिन सफल होने के लिए...
एक दिन सौरमंडल के ग्रहों की सभा जुटी। सभी को अपनी-अपनी विशिष्टताओं का गुमान था।
जब हम किसी के दुःख में सहभागी बनते हैं, तो सच में बहुत बड़ा मानवीय कर्म करते हैं। उसका दुःख तो यथावत् रहता है, किन्तु उसका...
एक लड़की के लिए माता-पिता का घर किसी राजमहल से कम नहीं होता। राजमहल से मेरा आशय सम्पन्नता से कदापि नहीं है क्योंकि सभी...
राष्ट्र पर 'राजनीति' का एकछत्र राज चल रहा था। उसके राज में 'तंत्र' सतत् प्रगतिशील और 'लोक' निरंतर पतनशील था।फिर भी 'लोक'...
किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की एक बात ने भीतर तक प्रभावित किया। उन्होंने कहा,"मेरा...
एक दिन कल्पना ने अपने सुन्दर पंखों को फड़फड़ाकर यथार्थ की ओर उपेक्षा भरी दृष्टि डालते हुए कहा-"तुम कितने असुंदर हो-सिर...
गुलमोहर खिलने के दिन आ गए। जब गर्मी अपने पूरे शबाब पर होती है, तब गुलमोहर भी अपनी पूरी रक्ताभा के साथ खिलता है।
28 मार्च के अखबार में एक समाचार पढ़ा-पुणे के एक उच्च शिक्षित पति महोदय काम में परफेक्शन को लेकर इतने दुराग्रही थे कि वे...
वे ईश-पूजा के उपरांत करबद्ध प्रार्थना कर रहे थे-हे प्रभु! सम्पूर्ण विश्व शांति, स्वच्छता, कर्मशीलता, पवित्रता और कल्याण-भाव...
भाई-बहन में अनबन हुई, तो माता-पिता ने सुलझा दी। पति-पत्नी में अनबन हुई, तो माता-पिता अथवा संतानों ने सुलझा दी। सास-बहू...
इस प्रगतिशील, किन्तु यांत्रिक युग में अख़बारों के पृष्ठों पर किसी सकारात्मक समाचार के मिलने पर रूहानी ख़ुशी होती है।...
आज से लगभग नौ वर्ष पूर्व की बात है। सुबह के मेरे निर्धारित कार्य निपटाते हुए मेरा ध्यान अपने 3 वर्षीय पुत्र की ओर गया।...
सदियों से हम कहते-सुनते आये कि रूप-रंग ईश्वर की नेमत है। ये किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं होता कि वो सुन्दर होगा अथवा असुंदर।...
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