देवेन्द्र सोनी

संपन्न और शिक्षित परिवार में जब रमेश के यहां पहली पुत्री का जन्म हुआ तो पूरे कुटुम्ब में खुशी की लहर दौड़ गई। ऐसा नहीं...
मानव जीवन की सबसे बड़ी और अनदेखी पूंजी यदि कोई है, तो वह है हमारा स्वास्थ्य। 'अनदेखी' इसलिए कहा, क्योंकि हम जब तक हम बिस्तर...
रोज देखता हूं, निश्चित समय पर, उस अर्द्धविक्षिप्त अधेड़ महिला को जो निकलती है, मेरे घर के सामने से, कटोरा लिए हाथ में।
रमा कई दिनों से अपने पति सुरेश को बेचैन देख रही थी। दिन तो कामकाज में कट जाता, पर रात को उसे करवटें बदलते रहने का कारण...
परिदृश्य चाहे वैश्विक हो, राष्ट्रीय हो, सामाजिक हो या पारिवारिक हो- कुछ भी करने से पहले यह प्रश्न हमेशा सालता है कि लोग...
संगति का असर तो होता ही है। यह बात रमेश को उस समय समझ आई, जब 1 माह तक अपनी बुरी आदतों को छोड़कर वह सादगी से अपने कर्म में जुटा...
वर्तमान में बच्चों के भारी होते बस्तों से सभी त्रस्त हैं लेकिन प्रतिस्पर्धा और सबसे आगे रहने की चाह में खुलकर कोई भी...
आते हैं जब इस दुनिया में हम कितने सहज, सौम्य और निश्छल होते हैं। धीरे-धीरे होते हैं प्रभावित और अपनाने लगते हैं उस वातावरण...
तस्वीर का जीवन से गहरा नाता है हमारा । बचपन से ही हो जाता है तस्वीरों से सामना हमारा ।
अट्ठावन में आते-आते लगने लगा है समा गए हैं मुझमें बाबूजी मेरे।
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