डॉ. साधना सुनील विवरेकर

अनिकेतजी रोज की तरह सुबह की सैर से लौटे। अखबार को गेट से निकाला व तारीख पर नजर पड़ते ही आंखों में जो नमी उतरी, उसने हर...
आज के प्रतिस्पर्धा के युग में सभी जाने-अनजाने तनाव से ग्रस्त हैं। तनाव की वजह चाहे छोटी हो तुच्छ हो या बड़ी, शरीर पर नकारात्मक...
शरीर के किसी भी हिस्से का छोटे से छोटा दर्द आपकी हर खुशी छीन लेता है, आपको बेचैन कर देता है। तब उन क्षणों में जिंदगी बेमानी...
आज न सुबह उठते ही स्नेहल के लिए टिफिन बनाने की जल्दी है, न ही सलिल को नाश्ता दे उनका टिफिन भेजना है, न ही सब कुछ जल्दी-जल्दी...
आज की व्यस्त जिंदगी में सबसे ज्यादा उपेक्षित होता है शरीर। शरीर जिसके बल पर ही हम जीवन व्यतीत करते हैं, जिसके द्वारा...
पानी कितना अनमोल है यह हमें तब समझ में आता है, जब मई-जून की गर्मी में हमारे नलों में पानी दो-दो दिनों के लिए गायब हो जाता...
दो मांओं से बनते सुखद स्त्री जीवन की यह सबसे बड़ी विडंबना है कि उसका जन्म व परवरिश किसी और घर में हुई होती है व उसे जिंदगी,...
आज दो महीनों बाद कुसुमताई अपने घर इंदौर लौट रही थीं। मुंबई स्टेशन पर अवंतिका एक्सप्रेस का इंतजार करते हुए अपने सामान...
स्त्री जीवन की यह सबसे बड़ी विडंबना है कि उसका जन्म किसी एक परिवार में होता है, जहां वह कोई 22-25 साल परवरिश पाती है और फिर...
कई खट्टी-मीठी यादों को पोटली में समेटे पुराना वर्ष अतीत के गर्त में समाने को है व नया वर्ष उम्मीदों, सपनों व आशाओं का...