अनिल शर्मा

मप्र के इंदौर शहर में निजी लोक परिवहन वालों की मनमानी, दादागिरी आदि-इत्यादि (सब नहीं) के मद्देनजर इंदौर नगर निगम द्वारा...
मप्र सरकार शिक्षा के ढोल पीट रही है... और केग की रिपोर्ट ने सारी पोल खोलकर रख दी है। कैग की अखबारों में शाया रिपोर्ट के...
बच्चियों के साथ रेप और हत्या की ये दुर्घटनाएं मप्र में फांसी का कानून लागू हो जाने के बावजूद कम नहीं हो रही हैं। इससे...
पैसा यानी नोट कमाने के लिए नेता या दादा होना जरूरी है, मगर दोनों में सक्षम नहीं होने पर आप समाजसेवा में भ्रष्टाचार करके...
भारतवर्ष की प्रथम पूजनीय देवी तुल्य मां अहिल्याबाई होलकर एक ऐसा नाम है जिसके प्रति कोटि-कोटि जन की आस्था, विश्वास यहां...
थक-हारकर सर्विस लेन की बेंच पर गांधीजी बैठ गए। अपने जमाने का नक्शे का परचा निकाला व कुछ देखा। एक-दो राहगीरों से पूछा-...
कैलाश सत्यार्थी या मलाला यूसुफजयी... इनके बाद और कोई... सवाल यह कि फिर भी स्थिति जस की तस। कुछ (हो सकता है हजारों में) बच्चों...
मप्र की 'जीवनदायिनी' कही जाने वाली नर्मदा के संरक्षण के लिए सरकारी और गैरसरकारी योजनाओं के चलायमान होने के बावजूद समय...
आज बाजार में एक धड़ी (लगभग 5 किलो मात्रा) गेहूं की कीमत 90 से 120 रुपए (शानदार क्वालिटी के गेहूं की कीमत और अधिक) तक है। इसी प्रकार...
श्रमिक! मजदूर! दिहाड़ी...। जिम्मेदारी से परिपूर्ण शब्द जिनके खून-पसीने ने संसार को श्वास दे रखी है। तपती धूप, तेज बारिश,...
मां अहिल्या की नगरी इंदौर विकास के पथ पर अग्रसर है और वर्तमान दशक में जोरों से सफाई अभियान चल रहा है। चहुं दिशाओं में...
नशा शराब में होता तो नाचती बोतल किंतु बोतल नाचे या नहीं, ड्रिंक तो करना है। पर ड्रिंक भी छोटे-मोटों का काम है, वाकई में...
जिंदगी में प्यार या कहिए कि प्रेम घर-परिवार में तो कायम रहता है, मगर वैवाहिक जिंदगी में पति-पत्नी के प्रेम में उतार-चढ़ाव...
सरकार को निजीकरण का चस्का कब और कैसे लगा? इसका इतिहास तो पता नहीं, मगर बात शुरू करते हैं मप्र में दशकों पहले चलने वाले...
2018 में मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनाव होने हैं। सितंबर 2018 में होने वाले चुनाव के परिणामों के काल्पनिक आकलन टीवी आदि पर...
तमाम कानूनी और सेंसर प्रक्रियाओं के बाद अनेक कट्स लगने, सेंसर होने यहां तक कि नाम परिवर्तन होने के बावजूद फिल्म 'पद्मावती'...
जनवरी 2018 के प्रथम माह का प्रथम सप्ताह इंदौर के बच्चों के लिए यमराज का पैगाम साबित हुआ। लापरवाही, अनियमितता और तमाम बातें...
हालांकि ये कटु सत्य है कि पाकिस्तान के सुधरने के हालात असंभव हैं, लेकिन घातक सच्चाई ये है कि पाकिस्तान से ज्यादा खतरनाक...
घूंघट उतारकर व्योमबाला बनी नारी के अबला जीवन की आज भी है ये कहानी। भारत में है 15 प्रतिशत सुखी तो 85 प्रतिशत हैं दुखी, पीड़ित,...
मप्र की राजधानी भोपाल में गत दिनों फांसी की सजा का कानून बन गया और वर्ष के आखिरी-आखिरी में भोपाल की एक पीड़ित लड़की के आरोपियों...
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