कुंडली में अगर ये योग हों, तो आपका प्रेम विवाह पक्का...

लव-मैरिज का मतलब होता है अपनी पसंद से विवाह करना, अब चाहे लाइफ पार्टनर हमारी जाति के हों या नहीं। कभी-कभी लब मैरिज अपनी जाति में होती है तो कभी अंतर्जाति प्रेम विवाह होता है। लेकिन वो कौन सी स्थ‍ितियां होती हैं जो प्रेम विवाह के लिए जिम्मेदार होती हैं। जानिए कुंडली में प्रेम विवाह के योग -  
इस प्रकार के योग यदि जन्म कुंडली में होते हैं, तब प्रेम विवाह के योग बनते हैं। यह जरूरी नहीं है कि प्रेम विवाह मतलब जाति से बाहर विवाह होना। लव मैरिज यानी जहां आपका दिल कहे वहां शादी। तो लव और मैरिज दोनों से पहले अपना होरोस्कोप जरा चैक कीजिए।

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